ललितपुर। माहेश्वरी एकेडमी स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। साथ ही स्वच्छ रहने के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सदर उपजिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने फीता काटकर किया। उन्होंने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की महत्वता पर जोर डालते हुये बताया कि 1 साल से 19 साल तक के बच्चों को पेट कीड़े की दवा जरूर खानी चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि अधिकांश बच्चों में पेट से संबंधित अधिक बीमारियों का खतरा होता है। जिस वजह से बच्चों में खून की कमी, कुपोषण, मितली, उल्टी व दस्त होना तथा वजन में कमी होना जैसे दुष्प्रभाव होते है क्योंकि ज्यादातर बच्चे बाहर खेलते समय कब किस चीज को हाथ लगाते हैं। उनको पता ही नही होता है। उन्हीं गंदे हाथों से घर की सारी चीजों को छूना, बिना हाथ पैर धोकर कुछ भी खा लेना, बिना ढका हुआ पानी पीना इन्हीं सब लापरवाही की वजह से बच्चों के पेट में बीमारियों होती हैं। जो कभी-कभी घातक भी साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 1 साल से 19 साल तक के बच्चों को साल में दों बार एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है। जिससे बच्चों में होने इन सब समस्याओं से बचाया जा सके। नोडल अधिकारी डॉ. आरके सोनी ने सभी लोगों से अपील किया कि एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर कार्यक्रम को सफल बनाए। उन्होंने बताया कि जो बच्चे आज किसी कारणवश एल्बेंडाजोल की दवा नहीं खा पाई है। उन्हें 1 मार्च को मॉप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी। इसी के साथ उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 5 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, इस स्कूल में लगभग 400 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान उप मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. हुसैन खान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रजिया फिरोज, स्कूल प्रबंधक, यूनिसेफ के प्रतिनिधि दिलशाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि महेश्वरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा व जिला विद्यालय निरीक्षक मौजूद रहे। वहीं, प्राथमिक विद्यालय सरखड़ी मड़ावरा में कृमि मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार गुप्ता ने इस गोली से होने वाले फायदों को विस्तार से बताया। साथ ही बताया कि सरकार की तरफ से सभी बच्चों को वर्ष में 2 बार एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती है। सहायक अध्यापक अनुज दीक्षित ने बताया कि इस गोली को चबाकर खाया जाता है। बच्चे भी गोली खाने के लिए उत्सुक दिखे।

ललितपुर। माहेश्वरी एकेडमी स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। साथ ही स्वच्छ रहने के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सदर उपजिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने फीता काटकर किया। उन्होंने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की महत्वता पर जोर डालते हुये बताया कि 1 साल से 19 साल तक के बच्चों को पेट कीड़े की दवा जरूर खानी चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि अधिकांश बच्चों में पेट से संबंधित अधिक बीमारियों का खतरा होता है। जिस वजह से बच्चों में खून की कमी, कुपोषण, मितली, उल्टी व दस्त होना तथा वजन में कमी होना जैसे दुष्प्रभाव होते है क्योंकि ज्यादातर बच्चे बाहर खेलते समय कब किस चीज को हाथ लगाते हैं। उनको पता ही नही होता है। उन्हीं गंदे हाथों से घर की सारी चीजों को छूना, बिना हाथ पैर धोकर कुछ भी खा लेना, बिना ढका हुआ पानी पीना इन्हीं सब लापरवाही की वजह से बच्चों के पेट में बीमारियों होती हैं। जो कभी-कभी घातक भी साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 1 साल से 19 साल तक के बच्चों को साल में दों बार एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है। जिससे बच्चों में होने इन सब समस्याओं से बचाया जा सके। नोडल अधिकारी डॉ. आरके सोनी ने सभी लोगों से अपील किया कि एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर कार्यक्रम को सफल बनाए। उन्होंने बताया कि जो बच्चे आज किसी कारणवश एल्बेंडाजोल की दवा नहीं खा पाई है। उन्हें 1 मार्च को मॉप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी। इसी के साथ उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 5 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, इस स्कूल में लगभग 400 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान उप मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. हुसैन खान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रजिया फिरोज, स्कूल प्रबंधक, यूनिसेफ के प्रतिनिधि दिलशाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि महेश्वरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा व जिला विद्यालय निरीक्षक मौजूद रहे। वहीं, प्राथमिक विद्यालय सरखड़ी मड़ावरा में कृमि मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार गुप्ता ने इस गोली से होने वाले फायदों को विस्तार से बताया। साथ ही बताया कि सरकार की तरफ से सभी बच्चों को वर्ष में 2 बार एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती है। सहायक अध्यापक अनुज दीक्षित ने बताया कि इस गोली को चबाकर खाया जाता है। बच्चे भी गोली खाने के लिए उत्सुक दिखे।

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