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25 दिन पहले

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  • वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के मौके पर देखिए देश की वो ऐतिहासिक तस्वीरें जब आधुनिक भारत की नींव रखी गई
  • तस्वीरों में आईटी क्रांति का सपना भी दिखता है और हवा में उड़ान भरने की तैयारी करती महिला का हौसला भी

आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है। लगभग 194 साल पहले फ्रांस के जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने मिलकर फोटोग्राफी की पहली प्रोसेस ईजाद की थी। 19 अगस्त, 1839 को फ्रेंच सरकार ने इसकी औपचारिक घोषणा की और इसे पूरी दुनिया को फ्री गिफ्ट के रूप में उपलब्ध कराया। तब से अब तक फोटोग्राफरों ने दुनिया के हर बड़े बदलाव, हर चौंकाने वाली छोटी-बड़ी घटना को अपने कैमरे में कैद किया है।

फोटोग्राफी डे पर देखें कुछ खास घटनाओं की तस्वीरें जिन्होंने नए भारत के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाई, देखिए और शेयर कीजिए।

1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने विदेशी सामान के बहिष्कार की अपील की थी। इसके बाद देशभर में विदेशी सामान की होली जलाई गई। जगह-जगह प्रदर्शन हुए और लोगों ने स्वदेशी अपनाने का प्रण लिया। इसे भारत का पहला आत्मनिर्भर कैम्पेन भी कहा जा सकता है।

15 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। उन्हें लॉर्ड माउंटबेटन ने शपथ दिलाई थी। उस जमाने में संसद भवन को कांस्टीट्यूशन हाउस कहा जाता था। 14-15 अगस्त की रात में पहले वहीं लॉर्ड माउंटबेटन ने पं. नेहरू को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई और उसके बाद नेहरू जी ने अपना ऐतिहासिक भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टनी’ दिया था।

लाल किले की प्राचीर से अंग्रेजों का झंडा उतरता हुआ और भारत का झंडा चढ़ता हुआ। भारत को आजादी 15 अगस्त को मिली। लेकिन, लाल किले पर तिरंगा 16 अगस्त को फहराया गया। ये पहली और आखिरी बार था जब लाल किले पर तिरंगा 15 अगस्त को नहीं, बल्कि 16 अगस्त को फहराया गया।

16 अप्रैल 1853 को पहली यात्री ट्रेन मुंबई से ठाणे के बीच चली। तीसरे पहर three बजकर 30 मिनट पर 21 तोप की सलामी के बाद 14 कोच वाली यह ट्रेन रवाना हुई थी। 33 किलोमीटर की पहली यात्रा करने वाली इस ट्रेन में 400 यात्रियों ने भारतीय रेल का पहला सफर तय किया था। इस रेलगाड़ी में लार्ड लोरेंस कंपनी का इंजन लगा था।

साल 1895 को भारत ने पहला स्वदेशी रेल इंजन बनाने में कामयाबी हासिल की। इसे राजपूताना मालवा रेलवे की अजमेर वर्कशॉप में बनाया गया था। 38 टन वजनी इस मीटरगेज इंजन का नाम था एफ-374।

भारतीय रेलवे की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन बॉम्बे वीटी स्टेशन से कूरला के बीच three फरवरी, 1925 को चली थी। तब का बॉम्बे वीटी स्टेशन अब मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नाम से जाना जाता है। वहीं, तब का कूरला आज कुर्ला हो गया है। जब यह ट्रेन चली तो पटरियों के दोनों ओर हजारों लोगों का हुजूम उमड़ता था और उन्हें हटाने के लिए पुलिस बुलाना पड़ती थी।

1914 में जन्मी सरला ठकराल 21 साल की उम्र में देश की पहली महिला पायलट बनीं। 1936 में सरला ठकराल परंपराओं को तोड़ते हुए एयरक्राफ्ट उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। उन्होंने ‘जिप्सी मॉथ’ नाम के विमान को अकेले ही उड़ाया। खास बात यह थी कि उस दौर में पहली बार साड़ी पहन कर प्लेन उड़ाने वाली भी वह भारत की पहली महिला बनीं। उस समय वह एक चार साल की बेटी की मां भी थीं।

15 जनवरी, 1962 को पंडित जवाहरलाल नेहरू और होमी जहांगीर भाभा को देश का पहला कम्प्यूटर दिखाते प्रोफेसर एमएस नरसिम्हन। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में विकसित किए गए इस कम्प्यूटर को TIFRAC नाम दिया गया था। यह एक फर्स्ट जेनरेशन कम्प्यूटर था। इसे मूल रूप से शोध कार्यों के लिए विकसित किया गया था।

भारत की पहली फ्लाइट के पहले टेक ऑफ की तैयारी में टाटा एयर सर्विसेस के संस्थापक जेआरडी टाटा। 15 अक्टूबर, 1932 को भारत की पहली फ्लाइट ने कराची से मुंबई के लिए टेक ऑफ किया था। यही फ्लाइट उस भारत की एविएशन इंडस्ट्री के नींव का पत्थर थी, जो आज दुनिया के सबसे बड़े एविएशन मार्केट में से एक है। बाद में टाटा एयर का राष्ट्रीयकरण हो गया और इसका नाम एयर इंडिया हो गया।

भारत की पहली स्वदेशी कार टाटा इंडिका ड्राइव करते हुए रतन टाटा। रतन टाटा की सफलता में इस कार का बड़ा योगदान रहा है। इस हैचबैक कार को 30 दिसंबर 1998 में जेनेवा मोटर शो में धूमधाम से लॉन्च किया गया था। हालांकि, भारतीय बाजार में ये कार 1999 में आई। इस कार के लिए टाटा कंपनी ने स्लोगन दिया था – ‘द बिग…स्मॉल कार’ और ‘मोर कार पर कार’ ।

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की यूएसए के प्रिंसटन में eight नवंबर 1949 में हुई मुलाकात की तस्वीर। यह इन दोनों हस्तियों की एक फ्रेम में एकमात्र उपलब्ध तस्वीर है। दरअसल, आइंस्टीन नेहरूजी के बड़े प्रशंसक थे और चाहते थे कि भारत उनके देश इज़रायल को मान्यता प्रदान करे।

भारत में टेलीविजन की आमद 15 सितंबर, 1959 को राजधानी दिल्ली में हुई । यह सेवा ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (‌‌BBC) ने शुरू की थी। 1975 में भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में टीवी पहुंचाने की योजना बनी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए गुजरात के खेड़ा जिले का पिज गांव चुना गया। साल 1975 की यह फोटो उसी गांव की है।

फोटोग्राफी डे पर जानिए पहली फोटो की कहानी और देखिए दुर्लभ तस्वीरें

आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है:194 साल पहले डामर की काली प्लेट पर ली गई थी दुनिया की पहली फोटो, तैयारी में लगे थे पूरे 6 साल और 8 घंटे में खींची गई थी तस्वीर

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