नई दिल्ली : मलेशिया (Malaysia) के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर महातिर मोहम्मद (Mahathir Mohamad) ने ज़ी न्यूज़ ( Zee Information) के अंतरराष्‍ट्रीय चैनल WION को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ज़ाकिर नाइक, एशिया में चीन की भूमिका, पाकिस्तान और इमरान खान से उनके रिश्तों पर पूछे गए सवालों का खुल कर जवाब दिया. वहीं महातिर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) को लेकर अपने मन की बात कही . 

WION: पीएम नजीब रज़ाक को हाल ही में एक एतिहासिक फैसले में दोषी करार दिया गया, मलेशिया की राजनीति में इसके क्या मायने हैं ?  

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : इस सवाल के जवाब में महातिर मोहम्मद ने कहा कि, उन्हेंं पहले से ये पता था कि रजाक प्रधानमंत्री बनने के बाद खुद को कानून से ऊपर समझने लगे थे, उन्हे ये गलतफहमी भी थी कि वो हमेशा पीएम पद पर बने रहेंगे, लेकिन घूसकांड में उनका नाम सामने आना ये उन लोगों के साथ धोखा था जिन्होंंने उन पर विश्वास किया था. उन्होने कहा कि रजाक हमेशा “money is king” के दर्शन पर जोर देते थे, लेकिन सच तो ये था कि इसके जरिए वो देश में घूसखोरी को बढ़ावा दे रहे थे. आज भी पूरे देश में करप्शन चरम पर है.यही वजह है जनता उनके खिलाफ है. 

WION: क्या इस स्थिति में आप खुद के लिए भी एक मौका देखते हैं ? मलेशिया में मध्यावधि चुनावों की आशंका के बीच आप नई राजनीतिक पार्टी ला रहे हैं.

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए राजनीति में अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है. उदाहरण के लिए मेरी पार्टी सत्ता में हैं लेकिन मैं ही सरकार में नहीं हूं. तो यहां भी हमारे पास दो रास्ते हो सकते हैं, या तो हम सत्ता में रहें या फिर बाहर रहें. लेकिन फिलहाल मैं अपनी पार्टी की सरकार से खुश नहीं हूं क्योंकि वो नजीब की पार्टी के साथ गठबंधन में हैं और नजीब की पार्टी को तो मुल्क में व्यापक भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता है. तो ऐसी स्थिति में हम अपनी पार्टी में वापसी भी नहीं कर सकते, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि हम पार्टी को ही बदल दें और संभव हो तो वापस पुरानी सरकार को सत्ता का मौका दें.

WION: यानि आप अपने लिए एक और कार्यकाल देख रहे हैं ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए हम इस पर काम कर रहे हैं ताकि पुराने गौरव को हासिल किया जा सके. 

WION: अगर आपको सत्ता में वापसी का मौका मिलता है तो क्या इस बार भारत को लेकर आपका नजरिया कुछ अलग हो सकता है ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद : ” भारत के साथ हमारे संबंध हमेशा बहुत अच्छे रहे हैं… लेकिन कभी-कभी मामूली गड़बड़ियों, घटनाओं के कारण उस वक्त रिश्तों पर तत्काल प्रभाव पड़ा, मगर बहुत तेजी से ही हमने अपने संबंधों में ऐसे तनावों को दूर कर दिया” हमारे यहां भारतीय मूल की बड़ी आबादी है लेकिन कभी-कभी मतभेद होना भी एक स्वाभाविक प्रकिया है. और इन मतभेदों को जल्द ही दूर कर लिया जाता है. कश्मीर पर उनकी टिप्पणी के कारण भारत के साथ उनके देश के रिश्तों में तनाव आया. उनके नेतृत्व के तहत इसके अलावा दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे रहे.

WION: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने केमिस्ट्री के बारे में क्या कहना चाहेंगे ? 

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : इस सवाल के जवाह में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन वैश्विक नेताओं में शामिल हैं जो उनके (महातिर के) दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर सबसे पहले मिले थे. उन्होने ये भी कहा कि ” जाहिर तौर पर, हम बहुत वक्त पहले मिले थे. मैं भूल गया था, लेकिन उन्होंने (मोदी ने) प्रधानमंत्री बनने से पहले की हमारी एक तस्वीर दिखाई थी.” उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और उनके साथ अच्छी चर्चा हुई थी. 

WION: आपने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने आपके सत्ता संभालते ही आपसे बात की, उन्‍होंने हमेशा आपके देश के साथ रिश्तों को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया. क्या कहेंगे आप इस पर?

इस सवाल के जवाब में महातिर ने कहा, ” हम हमेशा अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं, भले ही भारत का प्रधानमंत्री कोई भी हो. जो भी भारत का प्रधानमंत्री होता है, हम उससे अच्छे संबंध बनाते हैं. “

WION: और यकीनन कोई भी प्रधानमंत्री हो लेकिन मुझे लगता है कि कश्मीर पर दिए गए मलेशिया के उस बयान से कोई भी इत्तेफाक नहीं रखता, और आज भी आपने इसका जिक्र किया, क्या कहेंगे ?

इस सवाल के जवाब में उन्होंंने कहा कि, उस वक्त बयान की वजह ये थ्‍ळथि कि उन्हे लगा था कि वाकई कुछ गलत हुआ है. और ये बयान देने का मतलब पाकिस्तान का समर्थन करना भी नहीं था, मेरा बयान सिर्फ कश्मीर के लोगों के लिए था. आज कश्मीर के लोग आजाद हैं, लेकिन अब वो पूरी तरह भारत के अधीन हैं और उन्हे लगता है कि ये फैसला आजादी के बाद हुए बंटवारे की भावना के हिसाब से सही नहीं होगा. यहां उनका इशारा भारत के एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की छवि की ओर था उन्होने कहा कि उन्हे लगता है कि यह अहम है कि भारत अपने उस रूख को जारी रखें जब मुल्क आजाद हुआ था.

WION: देखिए सर , ये आपकी सोंच हो सकती है. मैने कहीं पाकिस्तान का नाम नहीं लिया था, लेकिन अब सवाल पाकिस्तान को लेकर ही. और ये भी सच है कि हमारे देश का भगोड़ा ज़ाकिर नायक आपके देश में रह रहा है. आखिर मलेशिया की सरकार उसे भारत को क्यों नहीं सौंपती ? 2017 में खुद आपने कहा था कि पीएम मोदी आपसे रूस में मिले थे, लेकिन उन्होने जाकिर के प्रत्यर्पण को लेकर आपसे बात नहीं की थी. लेकिन भारत हमेशा से कहता आया है कि वो शुरू से ही जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग करता आया है, तो आखिर उसे क्यों नहीं हिंदुस्तान भेज दिया जाता ? 

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए भारत में हिंदू-मुस्लिम रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं, अक्सर भीड़ द्वारा लोगों को पीट-पीट कर मारने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और इस चीज को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता. इसलिए हमें लगा कि ऐसे में उसको भेजना सही नहीं होगा, जहां उसकी सुरक्षा को खतरा हो. हालांकि तमाम कारण हो सकते हैं कि उसे कई देश शरण देना नहीं चाहते.  

WION: बिलकुल, ऐसे शख्स को कहीं जगह नहीं मिल सकती क्योंकि उसके उपर आतंकवाद फैलाने का आरोप है. आप नाइक पर मुखर होकर बोलते आए हैं ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए सरकार एक अलग विषय है और लोगों के विचार उससे भिन्न हो सकते हैं.

WION: देखिए आपके विचार अभी भी उसके लिए नरम हैं, क्या मतलब निकाला जाए कि अगर आप सत्ता में वापसी करते हैं तो एक बार फिर आप जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण नहीं होने देंगे ? 
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए, हम उसे ऐसे देश भेजना चाहते हैं, जहां वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सके. 

WION: लेकिन, भारत नहीं भेजेंगे ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  तो यही समझ लीजिए , ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौके पर हमें लगता है कि अब भारतीय जनता के बीच वो सुरक्षित नहीं रह सकता. 
 
WION: कहा जा रहा है कि आपने एक बार फिर भारत का विरोध करने के लिए पाकिस्तान का समर्थन किया है. इस्लामिक जगत की दुहाई दी गई है , क्या ये सही है ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  देखिए इसका इस्लामिक या इस्लामिक जगत के नेता से कोई सीधा मतलब नहीं है, क्योंकि जब मुझे लगता है कि किसी के साथ गलत हुआ है तो फिर वो कितनी ही बड़ी ताकत क्यों न हो उसे गलत ही कहा जाएगा. मैने इस मामले पर किसी और के बजाए अपने मन की आवाज़ बयान की है. 

 WION: क्या आपको कभी पाकिस्तान में मौजूद अल्पसंख्यकों की फिक्र हुई है, कभी वहां भी कुछ जानने की कोशिश की हो ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  देखिए हमें लगता है कि उनकी भी देखभाल होनी चाहिए, क्योंकि आप जानते हैं यहां मलेशिया में बहुत सारे अल्पसंख्यक समुदाय हैं और हम उन्‍हें समान अधिकार देते हैं क्योंकि वो इस देश के नागरिक हैं.
 
WION: इमरान खान, सऊदी अरब के दबाव में आपकी इस्लामिक समिट में कन्नी काट गए , कुछ नाराजगी तो हुई होगी आपको इस बात से ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद : यकीनन, मुझे बहुत बुरा लगा था.

WION: क्या उसके बाद से आपकी उनसे कोई बात हुई ? आपने उनसे क्या कहा ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : हालांकि वो उस आयोजन के बाद आए थे, उन्होने मुझे भी न्योता दिया था. और उस दौरान मुस्लिम जगत के भविष्य को लेकर हमारे बीच काफी चर्चा हुई. 

WION: इस्लामिक जगत के समकक्ष एक नया मंच तैयार करने की वजह क्या है ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए समकक्ष तो नहीं कहेंगे, हमने महसूस किया कि इस स्थिति में भी जब हम किसी समझौते पर नहीं पहुंचते तो आखिर क्यों न 2 या three देश मिलकर अल्पसंख्यकों के हालात पर चर्चा करें और मुझे नहीं लगता कि इससे मुस्लिम जगत को कोई समस्या हो सकती है, बल्कि संख्या कम हो तो किसी विषय पर ज्यादा गहराई से चर्चा हो सकती है और रास्ता भी निकलता है. 

WION: लेकिन इन्‍हीं ख्यालों के दौरान आपका ध्यान चीन पर नहीं जाता, जहां उइगर मुसलमानों की हालत किसी से छिपी नहीं है ? 

इस सवाल के जवाब में महातिर ने कहा, ” भारत और चीन के साथ हमारे रिश्ते एक जैसे नहीं हैं. भारत के साथ हमें लगता है कि आप ज्यादा उदारवादी, आलोचनाओं को स्वीकार करने के लिए अधिक इच्छुक हैं मगर आप जानते हैं कि चीन ऐसा नहीं करता है, उनके पास अलग प्रणाली और अलग नजरिया है. 

WION: यानी अब आप भी चीनी सिस्टम को फॉलो करने की सोच रहे हैं ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए किसी काम को करने के कई रास्ते होते हैं. हमारा अपना अलग तरीका है. 
 
WION: अब तक आपने इस विषय में क्या किया ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए हमने चीन से बात करने की कोशिश की. 

WION: क्या नतीजा निकला ?
डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  अब तक कुछ ख़ास हाथ नहीं लगा . लेकिन मुझे लगता है कि चीन को अपने देश के मुस्लिमों के लिए और उदार होना चाहिए. 
 
WION: ये समझना मुश्किल है कि कैसे आप अपनी मर्जी के मुताबिक इस विषय पर बयान देते हैं, खैर उसमें न जाते हुए ये जानने की जरूरत है कि कोरोना महामारी को लेकर चीन की क्या भूमिका है और क्या आप बीजिंगके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग का समर्थन करते हैं?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : मुझे ऐसा नहीं लगता कि इस समय इस पर कुछ कहना चाहिए. फिलहाल तो हमें मिल जुल कर इसका कोई रास्ता निकालना चाहिए 

WION: क्या इस पूरे प्रकरण में चीन की उस भूमिका का पर्दाफाश हो गया जिसमें उसने विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग किया ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : मुझे लगता है कि चीन को WHO के साथ काम करना चाहिए. मैं अमेरिका की तरह इतना मुखर नहीं हो सकता. चीन ने कुछ पेशकश की है उस पर ध्यान देना चाहिए.

WION: पहले आपने चीन के नव उपनिवेशवाद को लेकर सवाल उठाए थे , तो दक्षिण चीन सागर में चीन के विस्तारवाद पर आपका क्या कहना है, कैसे मलेशिया जैसे देश चीन का विरोध कर सकते हैं ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए अपनी बात करें तो भले ही मलय स्टेट आकार में छोटा है, लेकिन चीन से हमारे रिश्ते करीब 2 हजार साल पुराने हैं और फिर भी हमारा अस्तित्व बरकरार रहना एक चमत्कार जैसा ही है. पुराने समय की बात और थी लेकिन आज उसकी सोच बदली है वो दुनिया का एक बड़ा देश है जिसकी ताकत और आकार से पार पाना आसान नहीं. 

WION: देखिए मिस्टर मोहम्मद यहां आप यू टर्न ले रहे हैं, चीन के बारे में अब ये सोच सकते हैं कि वो उपनिवेशवाद के मामले में इतना बुरा नहीं है, जितना की यूरोपीय देश…
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए ये सच है चीन, यूरोप की तरह बुरा नहीं है. यूरोप के लोग यहां 1509 में आए, और 2 साल बाद उन्होने हमारे देश में उपनिवेश स्‍थापित किया. चीन भी ऐसी कोशिशों के लिए जाना जा रहा है खासकर दक्षिण चीन सागर को लेकर उससे हमारा मतभेद और नाराजगी है लेकिन फिर भी हम उसके साथ युद्ध नहीं कर सकते, हमें कोई दूसरा रास्ता निकालना होगा. 

WION: अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है, इसके क्या मायने हैं ? 

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : हमें लगता है कि टकराव किसी के हित में नहीं होता. अमेरिका को हमेशा ये लगता है कि ऐसी स्थितियों का फायदा उसे अपने पक्ष में उठाना चाहिए. वो पहले भी गन बोट्स (Gun boats) भेज चुका है और अब वे विमान वाहक युद्धपोत भेज रहा है. और मुझे नहीं लगता कि ऐसा करने से कोई रास्ता निकलेगा. अंतर्राष्ट्रीय तनाव दूर करने का रास्ता शांति से निकालना चाहिए 

WION: देखिए चीन का भी ये रवैया रहा है कि धमकी  देकर मनमर्जी करते रहो , कोई भी युद्ध नहीं चाहता, लेकिन जब ये साफ है कि सत्ता के विस्तार के नाम पर समुद्री द्वीपों को हड़पा जा रहा है, प्राकतिक संपदा का दोहन हो रहा है, द्वीपों की पहचान बदली जा रही है इसे आप किस तरह से देखते हैं ?
 
डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  देखिए हमने विरोध किया है , उदाहरण के लिए पिछली सरकार ने एक समझौता करने की कोशिश की थी. 

WION: आपने कहा कि पहले के दौर में आपने अमेरिका की अनिश्चितता भरे रवैये की वजह से चीन के पैसे पर भरोसा किया, क्या महामारी को लेकर भी आप अपने पुराने स्टैंड पर कायम हैं ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  देखिए इससे कोई इंकार नहीं कर सकता कि चीन एक बड़ा बाजार है, मलेशिया के लिए भी ये सच है, कि चीन हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. हम अपना कारोबारी नुकसान नहीं कर सकते. इसलिए हम चीन के साथ रिश्तों को सामान्य रखने के पक्षधर हैं. 

WION: भारत के साथ चीन के सीमा तनाव पर क्या कहेंगे ?
 
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, भारत और चीन को बातचीत की टेबल पर आकर ही इस समस्या को हल करना चाहिए. हम कभी भी किसी का पक्ष नहीं लेते हैं. हम सिर्फ समस्याओं को पहचानते हैं और समस्याओं को हल करते हैं. पक्ष लेने से कोई फायदा नहीं होने वाला है.

WION: आपने ट्रंप की आलोचना की, आपने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान उनसे मिलने से इंकार किया क्या कहेंगे ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : देखिए हर क्रिया की अपनी प्रतिक्रिया होती है जहां तक मेरी बात है ये सभी लोग मेरे दोस्त हैं, अमेरिका के साथ समस्या अमेरिका नहीं बल्कि उसके राष्ट्रपति हैं और हमें उम्मीद है कि नवंबर में होने वाले चुनाव में सत्ता बदलेगी तो बहुत से मुद्दे अपने आप सुलझ जाएंगे

WION: क्या आप बहुत सारे मामलों पर सेलेक्टिव नहीं है ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  देखिए हर देश के साथ अलग समीकरण होते हैं ऐसे में कूटनीतिक रिश्ते निभाने के लिए सेलेक्टिव होने में कोई बुराई नहीं . ये एक सामान्य प्रकिया है. टकराव से कोई नतीजा नहीं निकलने वाला और चीन तथा अमेरिका को बातचीत के जरिए मसले हल करने चाहिए.

WION: भारत ने मलेशिया से पॉम ऑयल आयात बंद किया तो इसका कितना असर पड़ा ? और इससे जुड़े मसलों पर क्या कहना चाहेंगे? 

डॉक्टर महातिर मोहम्मद :  देखिए हम हर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं. हिंसा से कोई रास्ता नहीं निकलता. और हम तो किसी को चोट पहुंचाने की स्थिति में भी नहीं हैं. हम क्या लड़ेंगे , हम एक कमजोर देश हैं और हम इसे स्वीकार करते हैं. 

WION: क्या आपको लगता है चीन के कर्ज में कई देश उसके गुलाम बन सकते हैं ?

डॉक्टर महातिर मोहम्मद : चाइना अचानक बहुत अमीर देश बन गया है, उसकी नीतियां विस्तारवादी हैं और अफ्रीका तक के कई गरीब देशों तक चीन की पहुंच बन चुकी है. मलेशिया चीन का पड़ोसी है, हमारी 26 फीसदी आबादी चीनी मूल की है, कई देशों के लोग यहां बस चुके हैं. इसलिए हम किसी से मुकाबला नहीं चाहते. 

WION: क्या भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में वैश्विकत ताकत बन के उभर रहा है ?

इस सवाल के जवाब में उन्‍होंने “हां” कह कर इस सच्चाई को स्वीकार किया .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here