नई दिल्ली: आज हम कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन और मुंबई हमलों के मास्टर माइंड दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) पर एक बहुत बड़ा खुलासा करेंगे. ये खुलासा देखकर पाकिस्तान (Pakistan) को भी पहली बार मानना पड़ेगा कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही है. कराची में दाऊद इब्राहिम के घर का पता है, D 13 Block 4, KDA Scheme 5 , Clifton Karachi Pakistan. ये घर कराची की डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी के इलाके में बसा है और ये पाकिस्तान के सबसे महंगे और सुरक्षित इलाकों में से एक है. यहां पाकिस्तानी सेना के बड़े फौजी अफसर रहते हैं. इस घर के आगे बैरिकेडिंग लगाई गई है और घर की छत पर एक सिक्योरिटी पिकेट भी मौजूद है. यानी दाऊद इब्राहिम अपने परिवार के साथ पूरी सुरक्षा में रह रहा है और इसके लिए उसने एक ऐसा इलाका चुना है जहां पाकिस्तानी सेना के अफसर रहते हैं.

हमारे इस खुलासे के केंद्र में वर्ष 2018 और 2019 में ब्रिटेन में हुई दाऊद इब्राहिम के करीबियों की गिरफ्तारी है.

वर्ष 2018 और 19 में ब्रिटेन में दाऊद इब्राहिम के कुछ करीबियों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पकड़ा गया था. इनमें हारून अलीम युसूफ और रंजीत सिंह बिंद्रा को 2019 में गिरफ्तार किया था जबकि दाऊद का अंतरराष्ट्रीय कारोबार देखने वाले जबीर मोतिवाला को ब्रिटेन की पुलिस ने 2018 में गिरफ्तार किया था.

जबीर मोतीवाला की तलाश अमेरिका की जांच एजेंसी FBI को भी है और जल्द ही ब्रिटेन जबीर मोतीवाला को अमेरिका को सौंप सकता है क्योंकि जबीर मोतीवाला अमेरिका में ड्रग्स का कारोबार करता था और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देता था. जबीर के प्रत्यर्पण की इजाजत ब्रिटेन की एक निचली अदालत दे चुकी है और जल्द ही इसे अमेरिका को सौंपा जा सकता है.

दाऊद के इन करीबियों से जो पूछताछ हुई, उसी पूछताछ के आधार पर हमें कुछ एक्सक्लूसिव जान​कारियां मिली हैं और ये जानकारियां ये साबित करती हैं कि दाऊद इब्राहिम न सिर्फ पाकिस्तान में है, बल्कि उसे वहां की सरकार और खुफिया एजेंसियों का पूरा समर्थन और सुरक्षा हासिल है.

अमेरिका और ब्रिटेन से जुटाई गई इन्हीं जानकारियों के आधार पर आज हम दाऊद इब्राहिम पर एक बहुत बड़ा खुलासा करने जा रहे हैं. दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड है. यही वजह है कि दाऊद भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी है और आज इसी आतंकवादी से जुड़े कुछ बड़े खुलासे हम करेंगे.

ये भी पढ़ें: उस खूबसूरत एक्‍ट्रेस को जानिए जो है दाऊद इब्राहिम की सबसे बड़ी कमजोरी

दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान के कराची में
इसी महीने की 18 तारीख को पाकिस्तान ने एक नोटिफिकेशन जारी करके ये माना था कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान के कराची में है. पाकिस्तान ने इस नोटिफिकेशन के आधार पर उस पर प्रतिबंध भी लगा दिया था. इन प्रतिबंधों के तहत दाऊद इब्राहिम के सारे बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने थे और उस पर यात्रा करने का प्रतिबंध लगाया जाना था. इस नोटिफिकेशन में दाऊद इब्राहिम का कराची का पता, उसके बहुत सारे नकली नाम और उसके पासपोर्ट की डिटेल्स शामिल थी, पाकिस्तान ने आतंकवादियों की ये लिस्ट Monetary Motion Activity Drive यानी FATF के पास जमा की है.

इसका मकसद ये है कि पाकिस्तान FATF की ब्लैक लिस्ट में शामिल न हो पाए. अगर पाकिस्तान FATF की ब्लैक लिस्ट में शामिल हो गया तो उस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लग जाएंगे और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो जाएगी. लेकिन पाकिस्तान अपने दावे पर तीन दिन भी नहीं टिक पाया और उसने ये मानने से इनकार कर दिया कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है.

शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इन सारी रिपोर्टों को खारिज कर दिया और कहा कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है. पाकिस्तान का कहना है कि ये वो लिस्ट है जो उसे United Nations ने उसे सौंपी थी जिसमें दाऊद इब्राहिम समेत कई आतंकवादियों के नाम हैं.

दाऊद का नाम पाकिस्तान के आतंकवादियों की लिस्ट में नहीं
दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है ये बात अमेरिका को भी पता है. तभी उसने दाऊद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया हुआ है. ये बात UN को भी पता है. इसीलिए दाऊद का नाम UN के प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची में है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र संघ ने जिसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी माना है. उस दाऊद इब्राहिम का नाम पाकिस्तान के आतंकवादियों की लिस्ट में नहीं है.

पाकिस्तान में आतंकवादियों की लिस्ट तैयार करने का काम वहां की Nationwide Counter Terrorism Authority करती है. लेकिन इस अथॉरिटी की लिस्ट में दाऊद इब्राहिम का नाम नहीं है, जबकि पाकिस्तान की ये संस्था वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान की देखरेख में काम करती है. लेकिन आज हम वो सारे सबूत पाकिस्तान और दुनिया के सामने रखेंगे जो ये साबित करते हैं कि दाऊद इब्राहिम न सिर्फ पाकिस्तान में है, बल्कि वो वहां वो और उसका परिवार फल-फूल रहा है.

आज हम आपको पहली बार दाऊद इब्राहिम की पूरी फैमिली ट्री के बारे में बताएंगे. दाऊद के परिवार के सभी सदस्यों के पासपोर्ट की डिटेल के बारे में भी बताएंगे. उनके पासपोर्ट पर लगे वीजा की जानकारी आपको देंगे और दाऊद के साथ उसके परिवार की बैंक अकाउंट्स की डिटेल और उनकी प्रॉपर्टीज की लिस्ट भी के बारे में भी बताएंगे. ये सारे सबूत देखने के बाद किसी के मन में ये शक नहीं रह जाएगा कि दाऊद और उसका परिवार कराची में हैं. इसके अलावा आज हम आपको उस लड़की के बारे में भी बताएंगे जिससे दाऊद इब्राहिम बार-बार मिलता है.

कराची के Clifton इलाके में दाऊद इब्राहिम का वो घर है जिसे वहां White Home के नाम से जाना जाता है. सफेद रंग के इसी घर के पास ही दाऊद के भाई अनीस और नूरा इब्राहिम का भी घर है. Clifton कराची के सबसे महंगे इलाकों में से एक है और इसी इलाके में रूस का दूतावास, ऊंची-ऊंची इमारतें और शॉपिंग मॉल भी हैं.

ये सारी जानकारियां देखने के बाद भी पाकिस्तान इस बात से इनकार कर सकता है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है. लेकिन अब जो सबूत हम आपके सामने लेकर आए हैं उससे पाकिस्तान भी इनकार नहीं कर सकता. क्योंकि आज हमारे पास कराची और पाकिस्तान में दाऊद और उसके परिवार की प्रॉपर्टीज से लेकर बैंक अकाउंट्स तक की डिटेल है. लेकिन उससे पहले आप ये समझिए कि दाऊद के परिवार में कौन-कौन है.

दाऊद इब्राहिम के परिवार में दाऊद समेत कुल 9 सदस्य हैं और इनके बारे में आपको दाऊद की फैमिली ट्री देख कर समझ आ जाएगा. दाऊद का पूरा नाम दाऊद इब्राहिम कासकर है और उसकी पत्नी का नाम है महज़बीन शेख. दाऊद के बेटे का नाम मोइन नवाज़ है, जिसकी पत्नी का नाम है सानिया मोइन शेख. दाऊद की तीन बेटिया भी हैं. जिनमें पहली बेटी का नाम है महरूख जुनैद मियांदाद जिसकी शादी पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियादांद के बेटे जुनैद मियादांद से हुई है. दूसरे नंबर की बेटी का नाम है महरीन, जिसके पति का नाम है औरंगजेब महमूद. दाऊद इब्राहिम की तीसरी बेटी का नाम है माज़िया शेख.

दाऊद इब्राहिम का CNIC नंबर
पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम शेख दाऊद हसन के नाम से भी ऑपरेट करता है और पाकिस्तान ने वर्ष 2015 में उसे जो Computerized Nationwide Identification Card यानी CNIC जारी किया था. दाऊद इब्राहिम का CNIC नंबर है – 4230127390909 . पाकिस्तान का CNIC नंबर भारत के आधार कार्ड की तरह नागरिकों का एक पहचान पत्र होता है.

दूसरा सबूत दाऊद इब्राहिम का वो पासपोर्ट है जो उसके पाकिस्तान वाले पते पर जारी किया गया है और ये पासपोर्ट भी दाऊद हसन शेख के नाम से जारी किया गया है.

तीसरा सबूत है दाऊद इब्राहिम की पत्नी महज़बीन शेख का पासपोर्ट और कराची में उसके घर की डिटेल. महजबीन शेख को ज़ुबीना ज़रीन के नाम से भी जाना जाता है. उसका पासपोर्ट वर्ष 2015 में जारी किया गया था और इस पर महज़बीन शेख का CNIC नंबर भी है. दाऊद की पत्नी दाऊद का कारोबार भी देखती है और दाऊद अपनी पत्नी के नाम पर ही अपनी फाइनांशियल गतिविधियां चलाता है. इस पर जो पता दर्ज है वो है, D 13 Block 4, KDA Scheme 5 , Clifton Karachi Pakistan.

दाऊद इब्राहिम के 32 साल के बेटे मोइन नवाज़ के CNIC कार्ड की डिटेल भी सामने आई है. मोइन नवाज अक्सर दुबई और लंदन जाता रहता है और वहां पर वो दाऊद के लिए स्मगलिंग, नार्कोटिक्स और हवाला का काम देखता है.

हमें ब्रिटेन और अमेरिका में मौजूद हमारे सूत्रों से पता चला है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI मोइन नवाज़ को ट्रेनिंग दे रही है ताकि वो दाऊद के कारोबार को दुनिया के अलग-अलग देशों में फैला सके. हालांकि दाऊद का सबसे करीबी छोटा शकील नहीं चाहता कि मोइन नवाज़ इस काम में दखल दे. इसलिए ISI दोनों के बीच बातचीत के जरिए मामला हल करने की कोशिश में लगी है. मोइन ने कुछ समय पहले ब्रिटेन की यात्रा की थी. उस वीजा की डिटेल भी हाथ लगी है.

दाऊद इब्राहिम की बहू यानी मोइन नवाज़ की पत्नी सानिया मोइन शेख भी दाऊद के कराची वाले घर पर ही रहती है और वो लंदन में दाऊद की इंवेस्टमेंट का काम देखती है. सानिया मोइन का ब्रिटेन का वीजा भी सामने आया है.

दाऊद की 34 साल की सबसे बड़ी बेटी महरूख जुनैद मियांदाद का पासपोर्ट, CNIC नंबर और उसका पता भी सामने आया है. महरूख जिस घर में अपने पति के साथ रहती है उसका पता है- 21/2, sixth Gizri Lane, Part 4, DHA, Karachi Pakistan. DHA का मतलब है, Defence Housing Authority और ये हम आपको बता ही चुके हैं कि इस महंगे और सुरक्षित इलाके में पाकिस्तान के VVIPs और सेना के अफसर रहते हैं.

महरुख का 38 साल का पति जुनैद मियांदाद भी इसी एड्रेस पर रहता है और वो भी D Firm का कारोबार देखता है. जुनैद की दिलचस्पी ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग के कारोबार में है और दामाद होने के नाते दाऊद इब्राहिम ने जुनैद को कई बड़ी जिम्मेदारियां सौंप रखी हैं और इसीलिए दाऊद के बेटे मोइन और जुनैद के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं.

दाऊद के दूसरे नंबर की बेटी महरीन महमूद की उम्र 33 वर्ष है वो अपने पति औरंगजेब के साथ कराची के जिस पते पर रहती है वो है- Home Quantity 64, KHE Amir Khusro, Part 6, DHA, Karachi Pakistan.

दाऊद की सबसे छोटी बेटी माज़िया शेख की उम्र 23 साल है और वो दाऊद इब्राहिम के साथ ही कराची वाले एड्रेस पर रहती है. माज़िया के नाम से जुलाई 2015 में जो पासपोर्ट जारी किया गया था उसकी डिटेल देखकर आप समझ जाएंगे कि कैसे दाऊद इब्राहिम बड़े एशो आराम के साथ वर्षों से कराची में रह रहा है और उसके और उसके परिवार के पाकिस्तान में होने के सभी सबूत आज दुनिया के सामने हैं.

अब आप दाऊद इब्राहिम की पत्नी महजबीन शेख, बेटियों महरीन और महरुख और बेटे मोइन नवाज की वो बैंक डिटेल्स देखिए, जिनसे ये साबित होता है कि दाऊद इब्राहिम के परिवार के बैंक अकाउंट्स कराची के ही 15 से ज्यादा बैंकों में हैं.

अगर दाऊद इब्राहिम के कराची में होने के ये सबूत काफी नहीं हैं तो आपको अब हम एक और सबूत दिखाते हैं. उन 23 प्रॉपर्टीज की लिस्ट है जिनका मालिक दाऊद इब्राहिम का परिवार है. इनमें से 9 प्रॉपर्टीज इस्लामाबाद में हैं, 10 कराची में हैं, three दुबई में हैं और एक लंदन में है.

पाकिस्तान की फिल्म अभिनेत्री जिससे बार-बार मिलता है दाऊद
आपने बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों के बारे में तो कई बार सुना होगा. किसी जमाने में दाऊद इब्राहिम का बॉलीवुड पर बहुत ज्यादा प्रभाव था, वो ना सिर्फ फिल्मों में पैसा लगाता था, बल्कि उसके कहने पर बड़े बड़े फिल्म स्टार्स उसके घर होने वाली पार्टियों में पहुंच जाते थे. लेकिन ऐसा लगता है कि पाकिस्तान जाकर भी दाऊद का ये शौक खत्म नहीं हुआ है.

इसकी शुरुआत होती है वर्ष 2019 से जब पाकिस्तान की फिल्मों में काम करने वाली एक अभिनेत्री को वहां के एक बड़े नागरिक सम्मान तमगा ए- इम्तियाज़ से सम्मानित किया गया. इस अभिनेत्री का नाम है महविश हयात. 37 वर्ष की महविश हयात को कुछ वर्ष पहले तक कोई नहीं जानता था लेकिन आज की तारीख में वो पाकिस्तान की मीडिया और ग्लैमर इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा बन गई हैं. 2019 में जब महविश को तमगा ए इम्तियाज़ दिया गया तो बहुत सारे लोगों ने ये सवाल उठाया कि एक अंजान और औसत दर्जे की अभिनेत्री ने ऐसा क्या कर दिया कि उसे इतना बड़ा सम्मान दे दिया गया.

इसके बाद एक वेब पोर्टल पर ये खबर छपी कि जिसमें लिखा गया था कि महविश को ये सम्मान दिए जाने से पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री हैरान है. इसमें आगे लिखा था कि क्या महविश को तमगा ए इम्तियाज़ इसलिए दिया गया, क्योंकि उन्होंने सच में फिल्म इंडस्ट्री के लिए इतना काम किया है या फिर इसलिए क्योंकि उनके संबंध कराची में रहने वाले किसी ऐसे शक्तिशाली व्यक्ति से हैं, जो कि पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए इंसाफ यानी PTI का काफ़ी करीबी है.

इस खबर के बाद जब महविश को ट्रोल किया गया तो महविश ने इसका विरोध किया और इसे अपने खिलाफ एक साजिश बताया. अब आप खुद सोचिए कि इस समय पाकिस्तान के कराची में रहने वाला सबसे शक्तिशाली व्यक्ति कौन है. और ऐसा व्यक्ति कौन हो सकता है कि जिसका प्रभाव पाकिस्तान की सरकार, सेना और खुफिया एजेंसियों पर है.

हमें ये भी पता चला कि दाऊद इन दिनों पाकिस्तान की एक फिल्म अभिनेत्री के साथ लगातार संपर्क में है और ये अभिनेत्री ही आज की तारीख में दाऊद की सबसे बड़ी कमज़ोरी है और ये कमजोरी आज हमारे साथ लग गई है.

महविश हयात ने अपने करियर की शुरुआत में एक आटइम नंबर किया था और कहा जाता है कि इसी के बाद वो लाइम लाइट में आईं और आरोप है कि कराची के किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संपर्क में रहने की वजह से आज महविश को बड़ी बड़ी फिल्में भी मिल रही हैं और फिल्म इंडस्ट्री में उनका रुतबा बहुत बढ़ गया है और महविश का सरकार में भी दखल बढ़ने लगा है. अब सच क्या है इसकी पूरी तरह से पुष्टि तो नहीं की जा सकती लेकिन इस पूरे एपिसोड में दाऊद का नाम आने से एक बात तो साफ है कि दाऊद पहले की तरह आज भी फिल्मी दुनिया में बहुत प्रभाव रखता है और अगर कोई उसे पसंद आ जाए यानी उसका करीबी बन जाए तो वो उसे कहीं से कहीं पहुंचा सकता है.

पाकिस्तान के दूरसंचार मंत्री फवाद चौधरी ने कुछ समय पहले तमगा ए इम्तियाज मिलने पर कहा कि उन्हीं के कहने पर महविश हयात को तमगा ए इम्तियाज़ दिया गया था जबकि वो उनसे सिर्फ एक बार मिले थे.

भारत के राजकोट से दाऊद के कराची वाले घर की दूरी सिर्फ 480 किलोमीटर
दाऊद इब्राहिम कराची में रहता है और भारत के राजकोट से दाऊद के कराची वाले घर की दूरी सिर्फ 480 किलोमीटर है. लेकिन इसके बावजूद दाऊद को आज तक पकड़ा नहीं जा सका है. मजे की बात ये है कि अगर भारत राजकोट से अपनी अग्नि मिसाइल भी दाऊद के घर पर छोड़ दे तो ये मिसाइल सिर्फ तीन मिनट में कराची पहुंच जाएगी और तीन मिनट में दाऊद का खेल समाप्त हो जाएगा. लेकिन आज सवाल यही है कि क्या ऐसा हो सकता है. या फिर दाऊद को उसके अंजाम तक पहुंचाने के लिए हमें और इंतजार करना होगा.

अब एक बार फिर बात महविश हयात की. पिछले वर्ष 23 मार्च को तमगा ए इम्तियाज़ दिया जाता है. 23 मार्च को पाकिस्तान डे होता है और ये पुरस्कार किसे दिया जाएगा इसकी घोषणा 14 अगस्त को की जाती है जिस दिन पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. अब आप सोचिए महविश को दिया गया सम्मान कितना महत्वपूर्ण है. अगर आप भी इस पर अपनी कोई राय देना चाहते हैं तो आप Dawood Caught In Pakistan पर ट्वीट करके अपनी राय दे सकते हैं.

ये भी देखें-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here