नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में भले ही आज की तारीख में तेज गेंदबाजों की भरमार दिखाई देती है, लेकिन अब से कुछ दशक पहले हालात ये थे कि तेज गेंदबाजी के नाम पर कोई भी क्रिकेटर नई गेंद हाथ में लेकर महज उसकी चमक उतारने के लिए कुछ ओवर फेंक दिया करता था. फिर कपिल देव (Kapil Dev) आए और हालात बदल गए. फिर आई नई सदी यानि 2000 का दशक और एक ऐसा गेंदबाज भारतीय टीम को मिला, जिसकी खब्बू गेंदबाजी की तुलना पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम (Wasim Akram) से होती थी. जी हां, हम बात कर रहे हैं पूर्व भारतीय खब्बू तेज गेंदबाज जहीर खान (Zaheer Khan) की, जिन्हें खुद वसीम अकरम ने कई बार ‘स्विंग के सुल्तान’ का तमगा देने के साथ ही वर्ल्ड का नंबर-1 गेंदबाज भी करार दिया था. जहीर आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं.

श्रीरामपुर के इंजीनियर से टीम इंडिया तक का सफर
जहीर खान का जन्म महाराष्ट्र के छोटे से कस्बे श्रीरामपुर में हुआ था. उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना देखा, लेकिन उनके फोटोग्राफर पिता ने उन्हें तेज गेंदबाज बनने का सपना दिखाया. जहीर ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया तो पिता उन्हें मुंबई में क्रिकेट खेलाने ले आए. महज 17 साल के जहीर की गेंदबाजी ने मुंबई क्रिकेट में तहलका मचा दिया. खासतौर पर नेशनल क्रिकेट क्लब के लिए मुंबई क्रिकेट की काशी कहलाने वाले शिवाजी पार्क जिमखाना मैदान पर वहीं की टीम के खिलाफ फाइनल में 7 विकेट लेकर जहीर हर तरफ चर्चा में थे. मुंबई की अंडर-19 टीम में तो खेले पर रणजी टीम में मौका नहीं मिला. इसके बाद जहीर बड़ौदा चले आए और फिर इतिहास बन गया.

पहली ही सीरीज में टीम इंडिया के लिए मचाया तहलका
जहीर को टीम इंडिया के लिए पहली बार केन्या के नैरोबी में आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला. जहीर ने पहले ही मैच में three विकेट लिए. लेकिन असली तहलका मचाया अंतिम-Eight के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ. जहीर ने इस मैच में अपनी गेंद के स्विंग और गति से एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) और स्टीव वॉ (Steve Waugh) जैसे दिग्गजों को चौंकाकर आउट किया और भारत मैच जीत गया. इस टूर्नामेंट के बाद हर तरफ केवल जहीर की ही चर्चा थी. 

2003 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली बदनामी, 2011 के बने हीरो
अपने पहले वर्ल्ड कप के तौर पर जहीर 2003 में दक्षिण अफ्रीका में टीम इंडिया का हिस्सा रहे. फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जवागल श्रीनाथ के बाद मैच का दूसरा ओवर लेकर आए जहीर ने पहली ही गेंद नो बॉल फेंकी. ये कुल 10 गेंद का ओवर रहा, जिसमें जहीर ने Eight रन एक्स्ट्रा के तौर पर दिए. इस ओवर में कुल 15 रन आए. बाद में भारत मैच हार गया और अगले दिन हर तरफ अखबारों में जहीर की नो बॉल की ही बदनामी थी. लेकिन Eight साल बाद मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वर्ल्ड कप-2011 के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ यही जहीर हीरो भी बने, जब उन्होंने अपने पहले तीन ओवर मेडन फेंके और चौथे ओवर में विकेट भी चटका दिया. भले ही इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने छक्का मारकर टीम इंडिया को चैंपियन बनाया, लेकिन सही मायने में मानसिक तौर पर भारत जहीर के पहले चार ओवर में ही श्रीलंका के दिमाग पर चैंपियन बनकर छा चुका था.

ऐसा रहा जहीर का इंटरनेशनल करियर
जहीर खान ने 92 टेस्ट में 311 विकेट लिए, जो कपिल देव के बाद किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट हैं. उन्होंने टीम इंडिया के लिए 200 वनडे में 282 और 17 टी20 क्रिकेट में 17 विकेट चटकाए. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम पर 652 विकेट दर्ज हैं. वर्ल्ड कप में जहीर खान ने कुल 44 विकेट लिए थे, जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का श्रेष्ठ प्रदर्शन है. इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 21 साल बाद पहली बार टेस्ट मैच जिताया तो बल्ले से भी जिंबाब्वे के हेनरी ओलोंगा (Henary Olanga) के एक ओवर में चार लगातार छक्के लगाए. साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ 10वें विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के साथ मिलकर 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की. इस पारी में जहीर ने अपना बेस्ट टेस्ट स्कोर 75 रन बनाए थे, जो उस समय 11वें नंबर के बल्लेबाज का रिकॉर्ड स्कोर था. बाद में ये रिकॉर्ड वेस्टइंडीट के टिनो बेस्ट (Tino Greatest) ने तोड़ा था.

वर्ल्ड क्रिकेट को दी ‘नक्कल बॉल’
जिस नक्कल बॉल को फेंककर आज की तारीख में टी20 और वनडे क्रिकेट में तकरीबन हर गेंदबाज सामने वाले बल्लेबाजों को परेशान करता रहता है. वो नक्कल बॉल दरअसल जहीर की ही ईजाद की हुई थी. जहीर ने इस गेंद की ईजाद बेसबॉल खेल की गेंदबाजी देखकर की थी. 

रिवर्स स्विंग के बन गए थे महारथी
जहीर की खासियत गेंद को वसीम अकरम की तरह दोनों तरफ स्विंग कराने के साथ ही पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग फेंकना था. रिवर्स स्विंग पर उस समय तक पाकिस्तानी गेंदबाजों के एकाधिकार माना जाता था. लेकिन जहीर ने इस कला में महारत से सभी को चौंका दिया था. इसके लिए उन्होंने बाद में अपने गेंदबाजी एक्शन में भी तब्दीली की थी. 

लड़कियों में भी रहा भोले चेहरे का क्रेज
शक्ल-सूरत से बेहद भोले और मासूम से दिखाई देने वाले जहीर देखने में बिल्कुल किसी सुपर मॉडल जैसे लगते थे. इसके चलते उन्हें अपने समय में टीम इंडिया के हॉट बैचलर्स में से एक माना जाता था और लड़कियों के बीच वे बेहद फेमस थे. लंबे समय तक जहीर का अफेयर बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा शरवनी (Esha Sharvani) से चला, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए. 2017 में जहीर ने ‘चक दे इंडिया गर्ल’ सागरिका घाटगे (Sagarika Ghatgey) से शादी की थी.

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