नई दिल्ली: दुनिया में जब भी महान फुटबॉल खिलाड़ियों की चर्चा होगी तो बिना लियोनेल मेसी (Lionel Messi)के नाम के पूरी नहीं होगी. ये बात कहता हुआ आपको दुनिया का हर दूसरा फुटबॉल विशेषज्ञ मिल जाएगा. बार्सिलोना (Barcelona) फुटबॉल क्लब का ये दिग्गज अर्जेंटीनी फुटबॉलर आज 33 साल का हो गया है. इस खिलाड़ी की तुलना फुटबॉल के सर्वकालिक दिग्गज खिलाड़ी पेले और माराडोना से की जाती है. हम आपको बताना चाहते हैं मेसी के बारे में वे 10 सुनी-अनसुनी बातें, जो किसी को भी खेलों की दुनिया में बड़ा कारनामा करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं.

दादी के प्यार ने बनाया महान फुटबॉलर
लियोनल मेसी दुनिया के उस देश अर्जेंटीना के रहने वाले हैं, जहां बच्चे के पैदा होते ही उसे फुटबॉल गिफ्ट कर दी जाती है. मेसी तो वैसे भी 24 जून, 1987 को रोसारियो शहर में पैदा हुए थे, यानी अर्जेंटीना को डिएगो माराडोना (Diego Maradona) के चर्चित ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल की बदौलत वर्ल्ड चैंपियन बनने के एक साल बाद. ये वो वक्त था, जब अर्जेंटीना में फुटबॉल प्रेम सिर चढ़कर बोल रहा था.

इस दौरान मेसी के पिता ने उन्हें फुटबॉल की ट्रेनिंग देनी शुरू की, लेकिन असली काम किया उनकी दादी ने. मेसी से बेहद प्यार करने वाली उनकी दादी ही उन्हें ट्रेनिंग के लिए लेकर जाती थीं और वहां भी कोच को उन्हें सबसे ज्यादा प्रैक्टिस कराने के लिए टोकती रहती थीं. मेसी को अगर आपने गोल करते हुए देखा होगा तो याद होगा कि वह हर बार गोल करते ही अपने हाथ हवा में लहराते हैं. दरअसल यह उनका अपने गोल का श्रेय अपनी दादी को देने का एक तरीका है. आप ऐसे भी कह सकते हैं कि ऐसा करते हुए मेसी अपनी दादी को श्रद्धांजलि देते हैं.

6 साल की उम्र में नाम मिला ‘द मशीन ऑफ 87’
लियोनेल मेसी ने महज 6 साल की उम्र में अपने शहर के क्लब ‘न्यूएज ओल्ड बॉयज क्लब’ के लिए खेलना शुरू कर दिया था. मेसी की प्रतिभा कितनी जबरदस्त थी, इसका अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि 6 साल की उम्र में वे 15 मिनट तक लगातार बिना रुके गेंद को नीचे गिराए बिना अपने दोनों पैरों से जगलिंग किया करते थे. उन्होंने अपने क्लब के लिए अपने से बड़ी उम्र के बच्चों के बीच 500 गोल दागकर पूरे अर्जेंटीना में चर्चा हासिल कर ली थी. उनके क्लब ने उन्हें निकनेम दिया था, ‘द मशीन ऑफ 87’ यानी वो मशीन जो 1987 में बनीं.

बौनेपन की बीमारी ने भविष्य पर खड़े किए सवाल
मेसी की चर्चा फैल ही रही थी कि अचानक 10 साल की उम्र में वो बीमार हो गए. टेस्ट में पता चला कि उन्हें ‘ग्रोथ हार्मोन डिफिशिएंसी’ की बीमारी है, जिसका इलाज नहीं हुआ तो वे बौने ही रह जाएंगे. इस बीमारी का इलाज तो था, लेकिन उसका खर्च उठाना उनके परिवार के बस से बाहर की बात थी. परिवार की हालत उतनी अच्छी नहीं थी। उनके पिता कारखाने में काम करते थे और मां क्लीनर थीं. मेसी का करियर खत्म होने जा रहा था.

बार्सिलोना ने बदली किस्मत, पेपर नैपकिन पर मिला पहला कांट्रेक्ट
Three साल ऐसे ही बीत गए. साल 2000 में मेसी के पिता को बार्सिलोना क्लब के टेलेंट हंट प्रोग्राम की जानकारी मिली तो उन्हें मेसी की बीमारी का खर्च उठाने का रास्ता मिल गया. उन्होंने फ्लाइट पकड़ी और पहुंच गए सीधे स्पेन. वे बार्सिलोना के स्पोर्टिंग डायरेक्टर कार्लेस रेकसेक (Charly Rexach) से मिले. रेकसेक ने अपने कुछ अर्जेंटीनी दोस्तों से मेसी की प्रतिभा के बारे में सुना था. उन्होंने महज 10 मिनट मेसी का खेल देखा और वे ऐसे कायल हुए की मेसी को बार्सिलोना से जोड़ने के लिए तैयार हो गए, लेकिन शर्त थी कि मेसी को स्पेन आकर रहना होगा. 

खास बात ये रही कि मेसी को साइन करने के लिए रेकसेक के पास कोई कागज नहीं था और वो उनकी प्रतिभा से इतने प्रभावित थे कि उन्हें बिना कांट्रेक्ट किए क्लब के मैदान से बाहर नहीं जाने देना चाहते थे. इसलिए रेकसेक ने पेपर नैपकिन पर हाथ से कांट्रेक्ट लिखा और उस पर मेसी व उनके पिता के साइन करा लिए. इस तरह मेसी और बार्सिलोना का साथ जो शुरू हुआ, वो 20 साल बाद भी बरकरार है. 

करियर के पहले मैच में मिला रेड कार्ड
मेसी को अपना सीनियर करियर शुरू करने का मौका साल 2005 में मिला था, लेकिन वो मैच में महज 47 सेकंड ही खेल पाए थे. रेफरी ने उनके खेल को खतरनाक मानते हुए उन्हें रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया था. 

जब बाथरूम की खिड़की तोड़कर खेला मैच
मेसी के फुटबॉल जुनून का एक किस्सा बेहद चर्चित है. दरअसल एक बार घरेलू टूर्नामेंट के एक मैच में मेसी गलती से बाथरूम के अंदर लॉक हो गए. जब वे दरवाजा खोलने में सफल नहीं हुए तो उन्होंने बाथरूम की खिड़की का शीशा तोड़ दिया और उसमें से निकलकर 0-1 से पिछड़ रही अपनी टीम को 3-1 से जिता दिया. हालांकि बाद में शीशा तोड़कर निकलने के लिए उन्हें कोच से बहुत डांट खानी पड़ी थी, क्योंकि ऐसे में उन्हें कोई गंभीर चोट भी लग सकती थी.

मुलर का रिकॉर्ड तोड़ा तो अपनी जर्सी भेजकर मांगी माफी
फुटबॉल मैदान खिलाड़ियों के हिंसक व्यवहार और आपसी तनातनी की घटनाओं से भरा रहता है. इसके उलट मेसी को बेहद विनम्र खिलाड़ियों में गिना जाता है. उनकी विनम्रता का एक किस्सा चर्चित है. उन्होंने 2012 में गेरार्ड मुलर (Gerrard Muller) का एक सीजन में सबसे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया. इसके अगले दिन मेसी ने मुलर को बार्सिलोना की अपनी 10 नंबर की जर्सी भेजकर रिकॉर्ड तोड़ने की माफी मांगी थी. जर्सी पर लिखा था, ‘सम्मान और आदर के साथ.’ वो इस सीजन में 91 गोल के साथ अपना नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉडर्स’ में दर्ज करा चुके हैं.

स्पेन ने भी दिया पासपोर्ट, फिर भी नहीं खेले उसके लिए
मेसी के पास अर्जेंटीना के अलावा स्पेन का भी पासपोर्ट मौजूद है. स्पेन ने उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर अपने लिए खेलने का ऑफर दिया था. लेकिन मेसी ने अपने देश अर्जेंटीना के लिए अपने कर्तव्य की बात कहकर ये प्रस्ताव ठुकरा दिया. इसके बावजूद मेसी स्पेन में सबसे ज्यादा चर्चित खिलाड़ी हैं.

अर्जेंटीना के लिए बनाया ये रिकॉर्ड पर वर्ल्ड कप नहीं जिताने का है मलाल
मेसी ने अर्जेंटीना के लिए फीफा वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. लेकिन वे वर्ल्ड कप में अपनी टीम को बहुत ज्यादा सफलता नहीं दिला सके हैं. हालांकि उनका अब तक खेले Three वर्ल्ड कप में बहुत खराब प्रदर्शन नहीं रहा, लेकिन उन्हें वैसी सफलता भी नहीं मिली, जो बार्सिलोना के लिए मिलती है. हालांकि मेसी अर्जेंटीना की 2008 बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं.

रिकॉर्ड बुक भर गईं पर मेसी के रिकॉर्ड बनने जारी
मेसी के नाम दर्ज रिकॉर्ड की बात की जाए तो उन्होंने इतने कारनामे किए हैं कि रिकॉर्ड बुक भर गई हैं, लेकिन उनके रिकॉर्ड अब भी बनते जा रहे हैं. मेसी ने रिकॉर्ड 6 बार फीफा के बेस्ट फुटबॉलर का ‘बैलेन डि ऑर’ (FIFA Ballon d’Or) खिताब जीता है. मेसी क्लब फुटबॉल में साल 2009-10 से लेकर 2017-18 तक लगातार 9 सीजन में 40+ गोल दागने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं.

वो लगातार 6  साल 50+ गोल करने वाले भी इकलौते फुटबॉलर हैं. वे फीफा प्रो वर्ल्ड इलेवन में भी लगातार 11 बार शामिल होने वाले इकलौते फुटबॉलर हैं. एक ही सीजन की 6 अलग-अलग प्रतियोगिताओं में गोल करने का रिकॉर्ड भी बस मेसी के ही नाम पर है. वे 30 से ज्यादा बार स्पेनिश ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के इकलौते फुटबॉलर हैं. उनके नाम पर 699 गोल हो चुके हैं, जो अपनेआप में एक रिकॉर्ड है.

वो बार्सिलोना के लिए रिकॉर्ड 700+ मैच खेल चुके हैं. मेसी पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने चैंपियंस लीग में 34 अलग-अलग टीमों के खिलाफ गोल किए हैं. ला लीगा में 35 हैट्रिक लगाने वाले इकलौते फुटबॉलर हैं मेसी. बार्सिलोना क्लब की 500+ जीत में हिस्सा बनने का बना चुके हैं रिकॉर्ड.

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